श्री जेठू बाबा मंदिर

नसीबपुर, राजस्थान में स्थित एक पवित्र मंदिर

श्री जेठू बाबा की दिव्य शक्ति से भरा पवित्र स्थान

और जानें

रजि.नं: 369/2020-2021

श्री जेठू जी भगवान की महिमा

श्री जेठू जी का जन्म लगभग तीन सौ (300) वर्ष पूर्व ग्राम कलवाडी के अहीर परिवार में हुआ था। बचपन में जब ये गऊओं को जंगल में चराने के लिये ले जाते तो उनके मन को अपार सुख की प्राप्ति होती। इनका प्रतिदिन यह नियम था की सुबह शाम गायों को चराने के लिये बणी में ले जाते। अभी जेठू जी की आयु बारह वर्ष(12 वर्ष) की थी कि माता-पिता की ताड़ना के कारण ये अपना घर-बार छोडकर हुडिया के मन्दिर छोडकर हुडिया के मन्दिर में चले गये। वहाँ भी उन्हें गायों से प्रेम हो गया। ये सबेरे ही उन्हे चराने के लिए जंगल मे ले जाते और संध्याके समय उन्हे वापिस ले आते । एक दिन इन्होने देखा कि एक गाय उनकी गायों से अलग होकर पहाड़ की ओर जा रही हैं उस दिन इन्होंने अपनी गऊओ को मन्दिर की ओर जाने के लिए छोड दिया इसके पश्चात ये उस गो माता के पीछे-पीछे पहाड़ पर चढ लिए। वह गाय एक गुफा में दाखिल हो गई। भोला बाल क जेठू भी उसी गुफा में प्रवेश कर गया। वहां एक महात्मा, जिनके मुख से अपार तेज टपक रहा था, तपस्या मे लीन थे। जेठूजी के पहुंचते ही उनकी समाधि खुल गई। वे इन्हें देखकर कहने लगे अरे तु तो बहुत दिनो में आया है। मैं तो तेरी बांट देख रहा था। तभी भोले बालक जेठू ने उनके चरण पकड लिये। महात्मा जी बोले बच्चे तेरा क्या नाम है इन्होने नम्नता से उत्तर दिया बाबा मेरा नाम जेठू है। सब लोक मुझे इसी नाम से पुकारते हैं। उत्तर सुनकर महात्मा कहने लगे जेठू हमारी गाय को चराते तुझे कई दिन हो गए है। आज इसकी चराई लेते जाओ । जेठू जी ने हाथ जोडकर उनसे कहा महारज! मुझे कुछ नहीं चाहिए। मुझे केवल आपका पवित्र आशिर्वाद चाहिए ।

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श्री जेठू बाबा श्री जेठू बाबा

आरती और पंचांग

आरती का समय
सुबह की आरती (ग्रीष्मकालीन)
08:15 बजे
सुबह की आरती (शीतकालीन)
09:15 बजे
संध्या आरती
गो-धूलि बेला (सूर्यास्त)
एकादशी – द्वादशी तिथि
माह एकादशी द्वादशी
पौष30/12/2531/12/25
माघ29/01/2630/01/26
फाल्गुन27/02/2628/02/26
चैत्र29/03/2630/03/26
वैशाख27/04/2628/04/26
ज्येष्ठ (अधिक)28/05/2629/05/26
ज्येष्ठ (शुद्ध)25/06/2626/06/26
आषाढ़25/07/2626/07/26
श्रावण23/08/2624/08/26
भाद्रपद22/09/2623/09/26